ग्रहो ओर उनके दुष्प्रभावो का चमत्कारी ओर शीघ्र प्रभावी उपाय

ग्रहो ओर उनके दुष्प्रभावो का चमत्कारी ओर शीघ्र प्रभावी उपाय

भारतीय ज्योतिष विज्ञान परिवार के सदस्यो से मे अपना ऐक बहुत हि चमत्कारी ओर शीघ्र प्रभावी उपाय पर अपना शोधपूर्ण लेख के कुछ महत्वपूर्ण अंश शेयर करना चाहता हु।
इस शोध का विषय है कि आज के इस युग मे महगे ओर नकली रत्नो के मायाझाल से मुक्त कर सहज सरल क्रिया द्वारा घरेलु प्रयोग के माध्यम से कुण्डली मे बैठे अशुभ ग्रहो के प्रभाव को बिना किसी रत्न कि सहायता से शीघ्र ठिक कर सकते है।

वर्तमान समय मे ज्योतिष के क्षैत्र मे ग्रहो ओर उनके दुष्प्रभावो का ढोल पिटकर आम जनता को पागल बनाकर रत्नो के नाम पर लाखो – करोडो रुपये का व्यापार हो रहा है।
ऐसा भी नहि है रत्न पौराणिक काल से हि राजा – महाराजा ओ के तथा धनवानो पूजिपतियो का खिचाव का केंद्र रहे है। इन रत्नो का प्रयोग सौन्दर्य ओर जैवरातो ओर साथ हि ग्रहो के दुष्प्रभाव को कम करने के लिये मानव के शरीर मे उस ग्रह के रंग कि रश्मियो को अंदर पहुचा कर जातक के दुष्प्रभावी ग्रहो के उपाय के लिये भी इन बहुमूल्य रत्नो का उपयोग होता रहा है।
आज उस का रुप बदलकर कैमिकल के द्वारा उसी समान कलर के रत्नो को महगे भावो मे बेचा जा रहा है ओर लोग अंधे होकर उन रत्नो पर टुट पड रहे है ओर मोटि रकम देकर भी खुश है। इस काम ने आजकल रत्नो के बारे मे कुछ भी नहि जानने वाले भी मोटा कारोबार कर रहे है।
ऐसा भी नहि है कि हमारे ज्योतिष के शास्त्रो मे रत्नो का उल्लेख नहि है. ग्रहो कि शान्ति के लिये किये जाने वाले उपायो मे रत्नो का नाम भी है तो शास्त्र मे 84 प्रकार के विशेष रत्नो का नामोल्लेख मिलता है।
परन्तु इस मानव जाति के अपने लोभ के लिये इस प्रकृति का इतना दौहन किया है कि अब इस समय उन असली रत्नो का मिलना बहुत हि मुश्किल हो गया है । ओर उपलब्धता है भी तो हजारो लाखो रुपये कि किमत आम जन साधारण के लिये संभव नहि है।

अब मे अपनी मूल बात पर आता हु। यदि किसी जातक या जातिका कि जन्म लग्न कुण्डली मे सूर्य अपनी अशुभ स्थिति का मतलब – (शत्रु. नीच. राशी. का या पाप ग्रह युक्ति या दृष्टि हो तो)
आप उस जातक को उस सूर्य के उपाय हेतु माणक रत्न कि बजाय उसी रुबिया गुलाबी कलर कि १ लिटर वाली काच कि बोतल मे गंगा जल भरकर रविवार के दिन ९ तुलसी के पतो को बाटकर उस बोतल मे डालकर सुबह १० से दिन के २ बजे तक धुप मे लकडि के पाटे पर रखे । सिधा भुमि पर न रखे। इस का कारण पृथ्वी का अर्थ न मिले।
समयानुसार २ बजे बाद उस पानी को पी ले ऐक माह यानी ૪- ५ रविवार प्रयोग करने मात्र से उस जातक के कुण्डली मे सूर्य के अशुभ प्रभाव मे कमी या समाप्त हो जायेगा।
उस जातक के आत्मबल मनोबल मे वृद्धि हो जायेगी।
क्र. ग्रह रंग कि बोतल
१ सूर्य गुलाबी
२. चन्द्र स्वेत
३. मंगल लाल
૪. बुध हरि
५. गुरु पीली
६. शुक्र चमकिली
७. शनि काले/निला
८. राहु मटमेला
९. केतु भुरा मटमेला
आप सभी बुद्धि जिवियो से निवेदन है कि इस शोधपत्र को पढे तथा कुछ समझ मे नहि आया हो या कोई शंका हो तो प्रश्न रखे।
ओर इस प्रयोग को आप स्वयं या अपने कलाईट पर आजमावे। तथा उसके परिवतर्न को नोट करे मेरा दावा है कि आपको शत प्रतिशत सकारात्मक रिज्लट सामने होगे।
-डां. त्रिपाठी

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